संक्षेप में: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने पुष्टि की है कि अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना (फेस-ऑफ) जारी है। उन्होंने यह बात राजस्थान के अलवर में आयोजित “हिमवीर सम्मान” कार्यक्रम के दौरान कही।
कहां है तनाव?
रिपोर्टों के अनुसार अपर सुबनसिरी जिले के तकसिंग सर्कल में असाफिला/माजा क्षेत्र में जुलाई के आखिर से गतिरोध बना हुआ है। बताया गया है कि चीनी सैनिकों ने भारत की धारणा वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से करीब 6-7 किलोमीटर अंदर टेंट लगाए। इसके जवाब में भारत ने इलाके में अपनी तैनाती बढ़ाई है।
बातचीत और भारत की तैयारी
- उच्च स्तरीय वार्ता: जुलाई से अब तक तीन दौर की उच्च स्तरीय बातचीत हो चुकी है।
- शौर्य कमांडो: ITBP प्रमुख के अनुसार शौर्य कमांडो दस्ते ने स्थिति संभालने में अहम भूमिका निभाई।
- ड्रोन और काउंटर-ड्रोन: सीमा पर निगरानी के लिए ड्रोन और ड्रोन-रोधी तकनीक पर जोर दिया जा रहा है।
- भूमिगत आश्रय: अगले तीन साल में सीमा चौकियों पर भूमिगत शेल्टर बनाने की योजना है।
सरकार और विपक्ष का रुख
विदेश मंत्रालय ने अगस्त में दोहराया था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना करते हुए स्थिति पर पारदर्शिता की मांग की है। सरकार की ओर से इस ताजा पुष्टि पर विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।
पृष्ठभूमि: LAC पर क्यों होते हैं ऐसे गतिरोध?
भारत और चीन के बीच करीब 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा कई जगहों पर स्पष्ट रूप से चिन्हित नहीं है। दोनों देशों की “धारणा” वाली सीमाएं अलग-अलग हैं, जिससे गश्त के दौरान आमना-सामना होता रहता है। 2020 के गलवान संघर्ष के बाद से दोनों पक्षों ने कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक बातचीत की है, लेकिन पूर्वी क्षेत्र, खासकर अरुणाचल प्रदेश, संवेदनशील बना हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भारत-चीन आमना-सामना कहां हो रहा है?
रिपोर्टों के अनुसार अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले समेत कई स्थानों पर।
इसकी पुष्टि किसने की?
ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अलवर में हिमवीर सम्मान कार्यक्रम के दौरान।
क्या बातचीत हो रही है?
हां, जुलाई से अब तक तीन दौर की उच्च स्तरीय बातचीत हो चुकी है।
स्रोत: ITBP महानिदेशक का बयान (मीडिया रिपोर्ट), विदेश मंत्रालय। यह एक संवेदनशील और बदलती स्थिति है; आधिकारिक अपडेट के लिए सरकारी बयानों पर नजर रखें।
